ज्योतिष शास्त्र एक प्राचीन विद्या है जिसे “आकाशीय विज्ञान” भी कहा जाता है। इसमें कुंडली ग्रह, नक्षत्र और राशियों की गति तथा उनके प्रभावों का अध्ययन किया जाता है। माना जाता है कि मानव जीवन पर आकाशीय पिंडों का सीधा असर पड़ता है और इन्हीं के आधार पर व्यक्ति का स्वभाव, भाग्य और भविष्य निर्धारित होता है। भारत में ज्योतिष का संबंध वेदों से जुड़ा हुआ है, विशेषकर वेदांग ज्योतिष से। इसमें कुंडली, ग्रह दशा, गोचर और पंचांग का गहन अध्ययन किया जाता है। आप अपनें जन्म समय के आधार पर अपने बारे में या किसी भी परिचत व्यक्ति के बारे में जान सकते है, कि आप के या उसके जीवन में किस तरह की गतिविधियां, परेशानियां, सुअवसर, जीवन में आ सकते है या आने वाले है|